विकास की बड़ी कीमत चुका रहा पर्यावरण : दूबे देवगुरु

बरहट/जमुई : जिले के एक थानाध्यक्ष का विधि व्यवस्था के साथ साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लगाव आजकल चर्चा का विषय बनता जा रहा है. लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष दूबे देवगुरु ने कुछ महीने पहले ही लक्ष्मीपुर थाने में थानाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है और अल्प समय में ही उग्रवाद व अपराध प्रभावित लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के कई अपराधियों को सलाखों के पीछे ला खड़ा किया है. अभी हाल के दिनों में जमुई को मुंगेर से जोड़ने वाली एनएच-333 पर गंगटा जंगल से लूट की योजना बनाते सड़क लुटेरों के एक जत्थे को भी उनके नेतृत्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

थाना में योगदान के बाद से ही विधि व्यवस्था और फूल और पौधों के प्रति उनका लगाव जाहिर होने लग गया था. और अब दो महीनों के भीतर ही फूलों की खुश्बू से महक उठा है लक्ष्मीपुर थाना परिसर. थाना प्रभारी दूबे देवगुरु की मेहनत रंग लाई है. उनके द्वारा लगाए गए छोटे-छोटे पौधे अब बड़े हो गए हैं. और उनमें खिले रंग बिरंगे फूल उस परिसर में जानेवाले का मन मोह रहे हैं. बस यूं कह लें कि फूलों की मनमोहक खुशबू से लक्ष्मीपुर थाना परिसर अब गुलजार होता जा रहा है. विकास की सबसे अधिक कीमत चुका रहे पर्यावरण के संरक्षण को लेकर देवगुरु का मानना है कि इस दौर में पौधों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा रहा है. हरियाली पर हर तरफ से चोट की जा रही है. उसके बावजूद शहर में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें हरियाली से बहुत प्यार है.

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उन्हीं प्रकृति के प्रेमियों में से एक गुरु देवगुरु ने बोनसाई और पौधों को अपनी खुशी बना लिया है. इन्होंने थाना परिसर के बगीचे में पौधों का संसार बसा दिया है, जहां गुलाब से लेकर दहेलिया, हजारा और बोनसाई प्लांट्स की खासी किस्में हैं. फूलों और हरियाली को जिंदगी की आदत में शुमार कर चुके  लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष दूबे देवगुरु ने थाना परिसर मे सैंकडों फूल के पौधे लगाकर उसे बगीचे के रूप में संवार दिया है. दूबे देवगुरु बताते हैं कि वे काम से समय निकाल कर रोजाना दो से तीन घंटे का वक्त अपने गार्डन को देते हैं. इनके पास 1 हजार गमलों वाले बड़े-बड़े चार होम गार्डन हैं. वहीं दूसरी ओर काले गुलाब सहित 30 प्रजाति के गुलाबों वाला रोज गार्डन भी है.

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